हांसी हिसार

हरियाणा में किसान की 7707 करोड की बैकों की देनदारी, 75 प्रतिशत किसानों की जमीने गिरवरी रखी हुई है-हरपाल बूरा

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हिसार ,हांसी/प्रवीण कुमार@कानौड न्यूज। हरियाणा टैक्स ट्रिब्नल के पूर्वक न्यायिक सदस्य व कांग्रेसी नेता हरपाल बूरा ने कहा कि हरियाणा में 1650 किसान है जिसमें 15 लाख किसान बैकों के कर्जदार है और 7707 करोड़ की बैंकों की देनदारी है 75 प्रतिशत किसानों की जमीने गिरवी रखी हुई है 50 किसान प्रतिवर्ष आर्थिक तंगी व कर्ज के कारण आत्महत्या करते है। यह बात बूरा ने हांसी हलके के गांव ढाणी बुखारी, भीम नगर, राजीव नगर में अपने जन संपर्क अभियान के तहत कही। हरपाल बूरा ने कहा कि किसानों को फसल खरीद की गारंटी मिलनी चाहिए क्योंकि सरकार ने सरसो का समर्थन मूल्य 4200 रुपये घोषित किया है लेकिन किसानों को सरसों बेचने के लिए कठिन शर्तो से गुजरना पड रहा है किसान कुल उपज 25 प्रतिशत ही समर्थन मुल्य पर बेच सकता है बाकी फसल नमी बता कर संकुचित दाना बताकर क्रमश 8 प्रतिशत, 2 प्रतिशत व 4 प्रतिशत कटौती की जा रही है। 3200 रुपये से लेकर 3400 रुपये तक खरीद कर किसानों ठगा जा रहा है। हरपाल बूरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की आय को दो गुणा करने के लिए दलवाई आयोग बनाया गया था जिसमें कमीशन फार एग्रीकल्चर कास्ट एडं प्राइसैस नामक र्फामूला सुझाया था उसके अनुसार सरकार ने काम नही बल्कि आंकडों के अनुसार गेहूं के उत्पाद के लिए किसान को प्रति हैक्टेयर 32644 रुपये लागत आई है और किमत 7,639 रुपये मिलती है। 25.005 रुपये का घाटा आया धान के लि प्रतिक हैक्टेयर 36.410 बाजरे के लिए 33686 रुपये हानि हुई है।
कांग्रेसी नेता हरपाल बूरा ने कहा कि शांता कुमार कमेटी ने माना है कि देश के केवल 6 प्रतिशत किसानों को ही समर्थन मूल्य मिलता है। सरकार किसानों के वोट ठगने के लिए समर्थन मूल्य हर फसल का घोषित करती है कठिन शर्ते लागू कर अनपढ मजदूर किसान पर शर्ते थोप दी जाती है और सरकार किसानो से वोट मांग कर उन्हे ठगने का काम कर रही है। हरपाल बूरा ने कहा कि भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब सरकार फ्रांस में अंबानी के 11 रुपये का टैक्स माफकरवा सकती है और भारत के एनपीए के भारत के कुछ बडे घरानों का लोन काम कर सकती है तो किसान कर्ज क्यों नही माफ कर सकती। जब तक किसान का भला नही हो सकता जब तक उसकों कर्ज मुक्त नही किया जाता और फसलों को समर्थन मूल्य घोषित करते वक्त लागत में 50 प्रतिशत मुनाफ जोड कर समर्थन मूल्य तय करना चाहिए।