रेवाड़ी

गांव खिजुरी जिला रेवाड़ी में सद्भावना जागरूकता कार्यक्रम के तहत दी सरकारी योजनाओं बारे जानकारी

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रेवाड़ी । गांव खिजुरी में सद्भावना जागरूकता कार्य्रकम किया आज के कार्यक्रम में ग्राम निवासियो की समस्याओं के समाधान करवाने के लिये जागरूकता सद्भावना कार्यक्रम रखा जिसमे कैलाश चंद एड्वोकेट को आमंत्रित किया। ग्राम निवासियो ने आमजन की काफी समस्याओ के समाधान के लिये सुझाव भी मांगे जिस पर अधिवक्ता ने लोगो की समस्याएं सुनकर समस्याओ के निदान बारे जागरूक किया !


आज के कार्यक्रम में अधिवक्ता ने प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा नियम 134 ए के बारे में बताया और कहा कि उनके द्वारा जिला न्ययालय अधिवक्ता हाल में 134ए के आवेदन हेतु निशुल्क कैम्प चलाया जा रहा है, आवेदन करने के लिये दिनाक 24 नवम्बर का समय है अपने साथ परिवार पहचान कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, BPL कार्ड या 2लाख या उससे कम का आय प्रमाण पत्र, वर्ष 2021 का बना हुआ हो, आधार कार्ड बच्चे और अभिभावक का, जिस स्कूल में बच्चा पढ़ रहा है उस स्कूल का UDISE कॉड, पिछले वर्ष जिस स्कूल में पढ़ रहा था उस स्कूल का UDISE कॉड, बच्चे का SRN नम्बर,पहचान का अन्य कोई दस्तावेज व मोबाइल फोन साथ अपने साथ लेकर आये और अधिवक्ता ने सरकारी योजनाओं बारे बताया कि हाल ही में हरियाणा सरकार ने प्रदेश में BPL परिवारों की महिलाओं के रोजगार हेतु ऋण देने की योजना सुरु की है जिसके तहत विधवा महिलाओ को दिया जा रहा ऋण :- महिला विकास निगम द्वारा विधवा महिलाओ को स्वावलम्बी बनाने के लिये बैंकों के माध्यम से तीन लाख रुपये तक का ऋण दिलवाने की योजना सुरु हुई है,
ताकि पात्र महिलाए व्यक्तिगत कारोबार स्थापित कर सके,


जिन महिलाओं की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक है तथा आयु 18 वर्ष से 55 वर्ष है, वे इस स्कीम के लिये पात्र होंगी, उन्होंने बताया कि बैंक ऋण के ऊपर लगे ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा सब्सिडी के रूप में की जायेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये व अवधि 3 वर्ष होगी, ये ऋण सिलाई, कढ़ाई, बुटीक, ऑटो, ई रिक्शा, मसाला, आचार, इकाइयां, खाद्य प्रसंस्करण, बेकरी, रेडिमेट गारमेंट्स, आदि के लिये ऋण देने से पूर्व प्रशिक्षण भी दिया जाता है, और BPL परिवारों के मकान रिपेयरिंग के लिये 80,000/- आर्थिक सहायता भी दी जा रही है,


अधिवक्ता ने बताया कि प्रदेश में असंगठित मजदूरों हेतु भी योजनाए है जिसके तहत महिलाओ को बच्चे के जन्म से पहले ओर बाद तक सहायता राशि दी जा रही है, मजदूरों के बच्चो की शिक्षा हेतु 50,000/- वार्षिक सहायता और बच्चो के विवाह के समय (कन्या के विवाह पर 51,000/- व लड़के के विवाह पर 21,000/- सहायता राशि) भी दी जाती है, मजदूर परिवारो को तीर्थ स्थानों पर भृमण हेतु सहायता राशि, व मजदूरों को वर्द्ध अवस्था मे बुढापा पेंशन के अलावा 1000/- सहायता प्रत्येक माह ओर दिया जाता है, मजदूर महिलाओ को खुद के कपड़ो हेतु प्रत्येक वर्ष 5100/- रुपए भी दिए जा रहे हैं,


अधिवक्ता ने बताया कि आज हमारे देश मे वर्ध जनों के सम्मान हेतु उनको काफी अधिकारी दिए गए हैं कि अगर बच्चे अपने वर्ध माँ बाप की सेवा नही करते हैं तो पूर्वजो की सम्पति में बच्चो का कोई हक नही है बल्कि बुजुर्ग अपने बच्चो से प्रत्येक माह 10,000/- मासिक खर्च भरण पोषण के ले सकते है, इसी प्रकार महिलाओ के अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया और बताया कि आज सरकार ने महिलाओ को प्रत्येक छेत्र में आगे लाने के लिये उनको अधिकार दे रही है, आज महिलाओ की सुरक्षा हेतु पुलिस हेल्प लाइन को ओर अधिक अलर्ट कर दिया है कानून में भी प्रावधान कर दिया है कि महिलाओ पर अत्याचार हो तो उनको न्याय जल्दी मिले इसके लिये फ़ास्ट ट्रक कोर्ट बना दिये हैं,।


गांव की महिलाओं ने एक समस्या यह भी रखी कि हम सभी आमजन आजकल निजी स्कूलों की मनमानी से पीड़ित हैं जैसे निजी स्कूलों में अमान्य फीस जमा न करने पर बच्चो को शिक्षा से वंचित करना, बच्चो की एस एल सी रोक कर रखना जैसे काफी समस्याये रखी, जिनके समाधान हेतु कैलाश चंद एड्वोकेट ने बताया कि आप अपनी समस्या को लेकर पहले अधिकारियो के समक्ष जाए अगर समाधान न हो उसके उपरांत आप न्यायालय की शरण ले सकते हैं, आपके साथ न्याय होगा ! और ई श्रम रेजिस्ट्रेशन बारे भी बताया कि प्रदेश के ऐसे नागरिक जो रेहड़ी लगाते है, इलेक्ट्रिक मिस्त्री, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, ऑटो रिपेयरिंग मजदूर व अन्य काफी ऐसे मजदूर है जो असंगठित है और मजदूरी करते हैं उनके लिये भी सरकार द्वारा योजनाये सुरु की है वे अपना रजिस्ट्रेशन करवा कर योजनाओ की सहायता ले सकते हैं। आज के कार्यक्रम में मुख्य् रूप अनिता, रितु, विजया, दर्शना, दयावती,सरिता, मनीषा व अन्य सामिल रही !!

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Kanod News

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