हरियाणा

तेज हवाओं के साथ हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, जानिये कैसा रहेगा मौसम ?

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चंडीगढ़ । हरियाणा में होली के दिन सुबह से ही तेज हवाओं के साथ मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। गर्मी और तेज हवाओं से जहां लोगों को तेज गर्मी का एहसास हो रहा है वहीं खेतों में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।

गेंहू की फसलों में अब तेज हवाओं से फसलों के गिरने का डर सता रहा है तो वहीं कई जगहों पर सरसों की फसलों की कटाई का भी समय चल रहा है। उन किसानों को तेज हवाओं ने परेशान कर दिया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे मजबूत निम्‍न हवा के क्षेत्र के कारण नॉर्थ ईस्‍ट राज्‍यों में 2 अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि हरियाणा में अगले तीन दिनों तक हवाओं के साथ तापमान में बढोत्तरी के आसार हैं।

आईएमडी के अनुसार दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम में आज तेज बारिश हो सकती है। वहीं 30 और 31 मार्च को इन राज्‍यों में बेहद तेज बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलने की बात कही गई है।

इसके अलावा अगर राजधानी दिल्‍ली की बात करें तो होली पर दिल्‍ली में तापमान के बढ़ने की बात कही गई है। रंग होली के दिन दिल्‍ली का मौसम 38 डिग्री तक जा सकता है। वहीं स्काईमेट वेदर रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में अगले 3 दिनों के लिए प्रतिदिन के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी 29 मार्च को 38 डिग्री तक पहुंच जाएगा।

वहीं स्काईमेट वेदर के अनुसार उत्तरी अफगानिस्तान और इससे सटे भागों पर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। यह पश्चिमी हिमालयी भागों की तरफ बढ़ रहा है और उम्मीद है कि उसका प्रभाव उत्तर भारत के पहाड़ों पर दिखना शुरू हो जाएगा। दक्षिणी पाकिस्तान और इससे सटे गुजरात के कच्छ क्षेत्र पर एक विपरीत चक्रवाती सिस्टम भी बना हुआ है। वहीं तटीय कर्नाटक पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र है। इसका असर केरल तक है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में तापमान में पांच डिग्री तक बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने कहा कि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में हरियाणा में लू का प्रकोप शुरू हो सकता है। मौसम में उतार-चढ़ाव तेजी से जारी है।

अब रात का तापमान भी बढ़ रहा है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक सिरसा में 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है।

मार्च में सामान्य से 60% कम बारिश हुई। 1 से 26 मार्च तक 4.4 मिमी. बारिश हुई। इस अवधि में 11.1 मिमी. बारिश सामान्य मानी जाती है। मार्च की कम बरसात की वजह से पारा तेजी से बढ़ रहा है। इसी के चलते ही अप्रैल में गर्मी सामान्य से अधिक हो सकती है।

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Kanod News

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