हथीन

यज्ञ करने से आत्म शुद्धि के साथ मन और आत्मा की शुद्धि भी होती है : आचार्य राजेश

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हथीन, माथुर । समीपवर्ती गांव छपैडा में पूर्णिमा के पर्व पर में वातावरण शुद्धि के लिए हवन अनुष्ठान किया गया। यज्ञ के यजमान किशन एवं उनकी धर्मपत्नी बिरमा देवी रही। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य राजेश कुमार ने कहा यज्ञ के सामान्य तीन अर्थ होते हैं। देव पूजा, संगतिकरण, और दान। देवताओं को उन्नत करने के लिए हमें प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए। जो व्यक्ति प्रतिदिन यज्ञ नहीं करता उसे पूर्णिमा और अमावस्या को करना चाहिएअच्छे पुरुषों की संगति करना तथा जरूरत बंधुओं की यथा योग्य सेवा सत्कार करना। आचार्य राजेश कुमार ने कहा यज्ञ करने से आत्म शुद्धि के साथ मन और आत्मा की शुद्धि भी होती है गांधी और शास्त्री की जयंती मनाते हुए आचार्य राजेश  गांधीजी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती मनाते हुए कहा। महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री युगपुरुष नहीं बल्कि युग युग के पुरुष थे। लाल बहादुर शास्त्री एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मकड़ जाल में फंसे हुए भारत को निकालने का एकमात्र काम किया। भूतो न भविष्यति ऐसा इनके बारे में कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी इस अवसर पर अशोक, अनिल, सुनील, सोनू, शोभा, पिंकी, मंजू आदि उपस्थित रहे।