कोविड-19 के खिलाफ आयुष क्वाथ बन रहा संजीवनी
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नारनौल, विनीत पंसारी । जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ अजीत सिंह ने कहा कि कोविड-19 से जंग लड़ने में भारतीय जलवायु के हिसाब से आयुष क्वाथ सर्वाधिक उपयुक्त हथियार साबित हो रहा है।

जिला आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि आयुर्वेद में काढ़ा को क्वाथ भी कहा जाता है। आयुष मंत्रालय के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने मन की बात में लोगों को आयुष काढ़ा पीते रहने का आह्वान किया है। आयुष मंत्रालय ने लोगों को स्वयं क्वाथ तैयार करने की विधि बताई है। दरअसल क्वाथ बनाने के लिए जिन घटक द्रव्यों का इस्तेमाल करने की सलाह आयुष मंत्रालय ने दी है वे सभी द्रव्य हमारे शरीर को प्राकृतिक तौर पर मजबूत बनाने के साथ-साथ हमारी जठराग्नि को भी सम बनाए रखते हैं जो कि आयुर्वेद के अनुसार निरोग बने रहने का पहला सूत्र है। उन्होंने बताया कि काढ़े के लिए अधिकतर सामान घर की रसोई में ही आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

क्वाथ क्या है ओर इसे कैसे बनाये

नारनौल जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ अजीत सिंह ने बताया कि क्वाथ एक विशिष्ट आयुर्वेदिक मौलिक कल्पना है जिसके द्वारा औषध द्रव्य के संपूर्ण कार्मुक तत्व (सारभाग) को द्रव रूप में प्राप्त किया जाता है। 3 व्यक्तियों के लिए यदि क्वाथ (काढ़ा) बनाना है तो आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार काली मिर्च 1 ग्राम, दालचीनी 2 ग्राम, सौंठ 2 ग्राम व तुलसी के पत्ते 4 ग्राम। इन सब को 450 एमएल उबलते हुए पानी में डालें। इसे धीमी आंच पर उबलने दें एवं आधा शेष रहने पर छानकर पीएं। स्वाद के लिए गुड़ मुनक्का व नींबू मिलाया जा सकता है। मधुमेह के रोगी गुड़ या मुनक्का न मिलाएं। इस प्रकार बनाया गया क्वाथ यदि दिन में 2 बार पी लिया जाए तो रोगों के खिलाफ शक्तिशाली सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। इस क्वाथ को पीने से आप कोरोना समेत कई अन्य बीमारियों से भी आसानी से लड़ने में सक्षम हो जाएंगे।

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